Anita Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri Story– मोहब्बत, ज़िद और खौफ की दास्तान
एक शांत ज़िंदगी, जो प्यार से हिल गई
अनिता शर्मा एक साधारण, सलीके से जीने वाली लड़की थी। दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय परिवार में पली-बढ़ी अनिता की ज़िंदगी नियमों और जिम्मेदारियों में बंधी थी।
सुबह समय पर उठना, मेट्रो पकड़कर ऑफिस जाना, दिनभर ईमानदारी से काम करना और शाम को घर लौटकर माँ के साथ चाय पीना—यही उसकी दुनिया थी।
प्यार उसके लिए हमेशा एक शांत एहसास था—ऐसा रिश्ता जिसमें भरोसा हो, आज़ादी हो, और सम्मान हो।
उसे कभी अंदाज़ा नहीं था कि प्यार एक दिन उसकी साँसों पर पहरा बन जाएगा।
कबीर मल्होत्रा – आकर्षण के पीछे छिपा अंधेरा
कबीर मल्होत्रा जब ऑफिस में आया, तो सबकी नज़रें उसी पर टिक गईं।
ऊँचा कद, आत्मविश्वास से भरी चाल, और शब्दों में एक अजीब सा जादू।
वो नया प्रोजेक्ट हेड था—डोमिनेंट लेकिन केयरिंग।
हर मीटिंग में उसकी तारीफ होती।
कबीर की नज़र अनिता पर पहली ही मीटिंग में टिक गई।
उसकी सादगी, उसकी कम बोलने की आदत, उसकी आँखों में छुपी ईमानदारी—सब कुछ कबीर को अपनी ओर खींचता चला गया।
एक दिन लिफ्ट में उसने मुस्कुराकर कहा—
“अनिता, तू मेरी है… और मैं तेरा।”
अनिता हँस दी। उसे ये सिर्फ़ एक मज़ाक, एक फ्लर्ट लगा।
लेकिन कुछ शब्द मज़ाक नहीं होते—वो इरादा होते हैं।
प्यार की मीठी शुरुआत
कबीर का ध्यान अनिता पर बढ़ता गया।
कभी उसके लिए कॉफी, कभी लंच, कभी ऑफिस से घर तक छोड़ने की पेशकश।
अनिता को अच्छा लगने लगा।
उसे लगा, शायद कोई है जो सच में उसकी परवाह करता है।
वो देर रात तक बातें करते—
कबीर कहता, “मैं तुम्हें खोना नहीं चाहता।”
अनिता समझती, “कितना सच्चा प्यार है।”
उसे नहीं पता था कि जहाँ डर छुपा हो, वहाँ प्यार ज़हर बन जाता है।
पहला डर – अनजान चेतावनी
एक रात अनिता का फोन वाइब्रेट हुआ।
अनजान नंबर से एक मैसेज—
“कबीर से दूर रहो। वो जैसा दिखता है, वैसा है नहीं।”
अनिता के हाथ काँप गए।
उसने सोचा—शायद कोई जलने वाला होगा।
लेकिन दिल के किसी कोने में एक ठंडा डर बैठ गया।
कबीर का बदलता व्यवहार
अब कबीर हर वक्त सवाल करने लगा—
“किसके साथ हो?”
“इतनी देर क्यों लगी?”
“ऑनलाइन होकर जवाब क्यों नहीं दिया?”
अगर अनिता पाँच मिनट देर कर देती, तो कबीर का लहजा बदल जाता।
उसकी आवाज़ में प्यार कम, अधिकार ज़्यादा होता।
वो कहता—
“मैं चिंता करता हूँ, इसलिए पूछता हूँ।”
लेकिन अनिता समझने लगी थी—
ये चिंता नहीं थी, ये निगरानी थी।
अतीत की परतें
एक दिन अनिता ने ऑफिस के पुराने स्टाफ से कबीर के बारे में पूछताछ की।
तब उसे पता चला—
कबीर की एक पुरानी गर्लफ्रेंड थी—रिया।
जो अचानक गायब हो गई थी।
ना कोई शिकायत,
ना कोई केस,
ना कोई चर्चा।
जैसे वो कभी थी ही नहीं।
अनिता की रातों की नींद उड़ गई।
सच्चाई से सामना
एक शाम अनिता ने हिम्मत करके कबीर से पूछा—
“रिया कौन थी?”
कबीर कुछ पल चुप रहा।
फिर बहुत शांति से बोला—
“जो लोग मुझे छोड़ देते हैं, वो ज़िंदा रहने के लायक नहीं होते।
उन्हें भूल जाना ही बेहतर है।”
उस पल अनिता को समझ आ गया—
ये आदमी प्यार में छोड़ना नहीं जानता।
भागने का फैसला
डर अब कल्पना नहीं रहा था—वो हकीकत बन चुका था।
अनिता ने चुपचाप शहर छोड़ने का फैसला किया।
नया फोन, नया सिम, नई जगह।
लेकिन जब वो स्टेशन पहुँची—
कबीर वहाँ पहले से खड़ा था।
धीमी आवाज़ में बोला—
“तुम मुझसे भाग नहीं सकती, अनिता।
तू मेरी है।”
क़ैद में बदला प्यार
कबीर अनिता को अपने फार्महाउस ले गया।
चारों तरफ़ सन्नाटा।
वो बोला—
“यहाँ सिर्फ़ तुम और मैं।
कोई दुनिया नहीं, कोई डर नहीं।”
अनिता रो पड़ी—
“ये प्यार नहीं है, कबीर।
ये क़ैद है।”
सच्चाई का सबूत
अनिता ने अपनी समझदारी से कबीर की बातें रिकॉर्ड कर लीं।
रिया के बारे में, अपने गुस्से के बारे में—सब कुछ।
एक मौका मिलते ही उसने पुलिस को सूचना दी।
अंत – आज़ादी की सुबह
पुलिस ने कबीर को गिरफ्तार कर लिया।
हथकड़ियों में जाते हुए भी वो चिल्लाया—
“अनिता मेरी है!”
लेकिन उस सुबह अनिता ने पहली बार बिना डर के साँस ली।
कहानी की सीख
जहाँ प्यार ज़िद बन जाए,
वहाँ खतरा जन्म लेता है।
सच्चा प्यार आज़ाद करता है,
डराता नहीं।

Anita Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri Story– When Love Turns Into Obsession
When Love Turns Into Obsession and A Peaceful Life Shattered by Love
Anita Sharma lived a simple, disciplined life.
Office, home, books, responsibilities—that was her world.
Love, to her, meant trust and freedom.
She never imagined it could become a prison.
Kabir Malhotra – Charm with a Dark Side
Kabir entered her office like a storm—confident, admired, magnetic.
His attention felt flattering.
“You are mine, Anita. And I am yours,” he said with a smile.
She smiled back—unaware those words were not romance, but ownership.
Sweet Beginnings
Coffee dates, late-night calls, gentle care—it all felt perfect.
Until care slowly turned into control.
The First Warning
A message from an unknown number—
“Stay away from Kabir. He is not who he pretends to be.”
Fear crept in quietly.
Possession Disguised as Love
Kabir needed constant updates.
Where are you? Who are you with? Why didn’t you reply?
Love became surveillance.
A Dark Past
His former girlfriend, Riya, had vanished.
No reports. No closure.
Just silence.
Confrontation
“People who leave deserve to be forgotten,” Kabir said coldly.
That was the moment Anita understood—
He did not love. He possessed.
The Escape
She tried to leave the city.
Kabir was already waiting.
“You cannot run from me.”
Love Becomes Captivity
At a farmhouse, isolation replaced affection.
“This isn’t love,” Anita cried.
“It’s a cage.”
Truth and Evidence
Anita secretly recorded Kabir’s confession.
Freedom at Last
Kabir was arrested.
Fear lost. Life won.
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Moral
True love liberates.
Obsession destroys.
FAQs
Q1. Is this story based on real events?
No, it is purely fictional.
Q2. What message does the story give?
Love without respect becomes dangerous.

