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India’s Most 10 Haunted Places story: भारत की सबसे डरावनी और भूतिया जगहें, जहां रहती हैं आत्माएं

India’s Most 10 Haunted Places story: भारत की सबसे डरावनी और भूतिया जगहें, जहां रहती हैं आत्माएं

Bhangarh Fort, Rajasthan
Bhangarh Fort, Rajasthan

1. भानगढ़ किला – भारत का सबसे भयानक और श्रापित किला

राजस्थान के अलवर जिले में स्थित भानगढ़ किला आज भी भारत का सबसे डरावना और रहस्यमयी किला माना जाता है। सरकार ने इसे आधिकारिक रूप से “Haunted Site” घोषित किया है, और सूर्यास्त के बाद यहां प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसा क्यों? इसके पीछे कई कथाएं और डरावनी घटनाएं जुड़ी हैं, जिनके बारे में लोगों का दावा है कि यह सिर्फ कहानी नहीं, बल्कि सच्चाई है।

भानगढ़ का इतिहास शुरू होता है 16वीं शताब्दी के राजा माधो सिंह प्रथम से, जिन्होंने इस किले को बनवाया था। कहते हैं कि यह भूमि एक संन्यासी “बाला जी गुरु” द्वारा अभिशप्त थी कि उस स्थान पर किसी भी इमारत की छाया उनके स्थान पर नहीं पड़नी चाहिए। जब महल का विस्तार हुआ, छाया गुरु के स्थान पर गिरने लगी और तभी से किले पर दुर्भाग्य ने घेरा डाल दिया।

लेकिन भानगढ़ की सबसे प्रसिद्ध और डरावनी कहानी राजकुमारी रत्नावती और तांत्रिक सिंघिया से जुड़ी है। रत्नावती को पूरे राजस्थान की सबसे सुंदर राजकुमारियों में गिना जाता था। सिंघिया नाम का एक काला जादू करने वाला तांत्रिक उससे प्रेम करने लगा, लेकिन राजकुमारी ने उससे कभी कोई संबंध नहीं रखा। एक दिन तांत्रिक ने राजकुमारी को अपने वश में करने के लिए एक जादुई तेल पर मंत्र किया, लेकिन राजकुमारी उसकी चाल समझ गई और तेल को पास खड़े पत्थर पर फेंक दिया। वह पत्थर तांत्रिक की ओर लुढ़कता हुआ गया और उसे कुचल दिया। मरते समय उसने राजकुमारी और पूरे किले को श्राप दिया—यह श्राप था “भानगढ़ का विनाश”।

कुछ समय बाद मेवाड़ और अजबगढ़ के बीच युद्ध हुआ, और पूरा भानगढ़ नष्ट हो गया। राजकुमारी सहित हजारों लोग मारे गए। कहते हैं कि तब से किले में आत्माएं भटकती हैं—विशेषकर राजकुमारी की आत्मा और तांत्रिक की आत्मा।

आज भी लोग दावा करते हैं कि:

  • रात में महल से स्त्री की चीखें आती हैं
  • कोई अदृश्य शक्ति पीछा करती महसूस होती है
  • हवा अचानक भारी व ठंडी हो जाती है
  • कई लोगों ने छतों से कूदती परछाइयां देखी हैं
  • अंदर कैमरा ले जाएं तो काम करना बंद कर देता है

पास के गांव के लोग भी सूर्यास्त के बाद घरों से बाहर नहीं निकलते। उनका कहना है कि भानगढ़ में रहने वाली आत्माएं रात में खुलकर घूमती हैं।

कई पर्यटक बताते हैं कि जैसे ही सूरज ढलता है, किले के अंदर एक अजीब तनाव और भय की परत फैल जाती है। दीवारें टूटी हैं लेकिन उनमें से आने वाली आवाजें ऐसी लगती हैं मानो कोई उसमें अभी भी रह रहा हो।

कुछ लोग कहते हैं कि वहां आत्माएं किसी न किसी से संवाद करने की कोशिश करती हैं—कभी दरवाज़े बंद होते हैं, कभी पत्थर लुढ़कते हैं। वैज्ञानिक लोग इसे “echo chamber effect” कहते हैं, पर जो पर्यटक डरते-डरते लौटते हैं वे कहते हैं—“कुछ तो है, जो विज्ञान नहीं समझ सकता…”


2. डुमस बीच, गुजरात – आत्माओं की फुसफुसाहट वाला काला समुद्री किनारा

डुमस बीच, गुजरात का सबसे डरावना और रहस्यमयी बीच माना जाता है। इसकी काली रेत इस बात का संकेत है कि यह स्थान सदियों तक श्मशान रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां असंख्य मृत आत्माओं का निवास है जो रात के समय घूमती हैं।

इस बीच की रातें बेहद रहस्यमयी मानी जाती हैं। कहते हैं कि जब समुद्र किनारे लहरें आती हैं तभी अचानक किसी के नाम पुकारने जैसी आवाजें सुनाई देती हैं। पर्यटक अक्सर इस अनुभव को “किसी अदृश्य व्यक्ति की पुकार” बताते हैं।

सबसे डरावना किस्सा एक ऐसे पर्यटक का है जो रात में समुद्र किनारे घूम रहा था और अचानक उसे महसूस हुआ कि कोई उसके पीछे आ रहा है। उसने जब पीछे मुड़कर देखा तो कोई नहीं था। वह जैसे ही आगे बढ़ा, फिर से कदमों की आवाज। वह भागा, लेकिन पीछे से आती आवाजें तेज होती गईं। सुबह उसकी लाश बीच से कुछ दूरी पर मिली। यह घटना आज भी लोगों को सोचने पर मजबूर करती है।

डुमस बीच पर कई कुत्तों का अजीब व्यवहार भी इसकी भूतिया पहचान का बड़ा प्रमाण माना जाता है। रात के समय कुत्ते समुद्र की ओर देखकर लगातार भौंकते रहते हैं, जैसे किसी अनदेखी शक्ति को देख रहे हों। वैज्ञानिक कहते हैं कि कुत्ते अलौकिक ऊर्जा को जल्दी महसूस कर लेते हैं।

डुमस बीच से उतना ही डरावना एक और स्थान है—दर्दी गाँव का “स्मशान घाट”, जो बिल्कुल पास ही स्थित है। कई लोगों ने वहां रात में नारंगी रोशनी के गोले तैरते हुए देखे हैं। स्थानीय लोग इसे “आत्माओं की अग्नि” कहते हैं।

एक और लोकप्रिय कहानी एक नाई की है। वह नाई बीच पर रात में काम करता था और एक बार उसने बताया कि उसके सामने अचानक एक बूढ़ा आदमी आया, जिसके पैर जमीन पर नहीं थे। उसने बाल कटवाने को कहा। नाई डरकर बेहोश हो गया। जब वह सुबह उठा, तो बूढ़ा गायब था—लेकिन कुर्सी पर बाल कटने के निशान थे।

कई बार पर्यटकों को ऐसा लगता है कि समुद्र की लहरें अचानक तेज हो जाती हैं और किसी को अपनी ओर खींच रही होती हैं। कुछ का दावा है कि रात में समुद्र खुद किसी को अपनी ओर बुलाता है—जैसे आत्माएं पुकार रही हों।

आज भी प्रशासन रात के बाद बीच पर जाने की अनुमति नहीं देता।

3. कोठारी बिल्डिंग, मुंबई – मुंबई का सबसे डरावना और रहस्यमयी फ्लैट

मुंबई जैसे शहर में, जहां हर दिन लाखों लोगों की जिंदगी भागती-दौड़ती रहती है, वहीं कुछ इमारतें ऐसी हैं जिनके बारे में सुनते ही दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं। कोठारी बिल्डिंग, मलाड क्षेत्र में स्थित एक पुरानी इमारत है, जो अपनी डरावनी भूतिया घटनाओं के कारण पूरे मुंबई में कुख्यात है। इस इमारत का नाम आते ही स्थानीय लोग गहरी सांस भरकर कहते हैं—“वहां रात में मत जाना… वहां इंसान नहीं, कोई और रहता है।”

कहानी कई साल पहले शुरू होती है जब इस इमारत के एक फ्लैट में एक परिवार को मृत पाया गया था। यह घटना पूरी तरह रहस्यमय थी। पुलिस ने केस को “सुसाइड” बताया, पर स्थानीय लोग मानते हैं कि यह आत्माओं का खेल था। परिवार के पड़ोसियों ने बताया कि कई दिनों से उस फ्लैट से अजीब आवाजें आती रहती थीं—कभी किसी महिला के रोने की आवाज, कभी अचानक चीजों के गिरने की आवाज, और कभी किसी बच्चे की हंसी। लेकिन जब पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, अंदर पूरा घर बेहद शांत था… और परिवार मृत पड़ा था।

उस घटना के बाद से उस फ्लैट को कोई किराए पर लेने की हिम्मत नहीं करता। कई लोगों ने कोशिश की, पर कुछ ही दिनों में वे डरकर निकल जाते। उनका कहना था:

  • रात में अचानक दरवाजा खुद-ब-खुद खुल जाता
  • लाइट्स बार-बार ऑन-ऑफ होने लगतीं
  • आधी रात को किसी महिला के चलने की आवाज आती
  • खिड़कियों से दिखते साये

एक बार एक युवा दंपति ने कहा कि उन्हें रात में लगा कि किसी ने उनके बिस्तर के पास खड़े होकर गहरी सांस ली। वे घबराकर उठे, लेकिन वहां कोई नहीं था—फिर भी भीतर किसी की मौजूदगी का अहसास था।

लिफ्ट का किस्सा सबसे डरावना माना जाता है। कई लोग बताते हैं कि आधी रात को लिफ्ट खुद चलने लगती है। कोई बटन नहीं दबाता, फिर भी लिफ्ट ऊपर-नीचे जाती रहती है। कहानियों के अनुसार, एक बार लिफ्ट अचानक 4वीं मंज़िल पर रुक गई और दरवाजा खुलते ही अंदर एक सफेद साड़ी में महिला दिखाई दी, जिसका चेहरा धुंधला था। गार्ड ने देखते ही नजरें हटाईं, लेकिन जब दोबारा देखा—वह गायब थी।

एक और दिल दहला देने वाला अनुभव एक सुरक्षा गार्ड का है। उसने बताया कि रात में उसे लगा कि कोई छत पर दौड़ रहा है। उसने ऊपर जाकर देखा तो छत खाली थी। लेकिन जैसे ही वह मुड़कर वापस आने लगा, पीछे से तेज कदमों की आवाज आई—दौड़ते हुए। उसने डरकर देखा लेकिन वहां कोई नहीं था। वह नौकरी छोड़कर भाग गया।

इस इमारत से जुड़ी एक और कहानी एक लड़की की है जो इस फ्लैट में शिफ्ट हुई थी। उसने बताया कि उसे सपनों में बार-बार एक महिला दिखाई देती जो कहती—“तुम यहां क्यों आई हो? यह घर मेरा है…” उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और आखिर में उसे फ्लैट खाली करना पड़ा।

कई लोग इसे “Negative Energy Zone” कहते हैं। कुछ वैज्ञानिक कहते हैं कि यह अवचेतन मन का डर है, लेकिन स्थानीय लोग कहते हैं कि वहां कोई अदृश्य शक्ति मौजूद है जो अपने घर में किसी को रहने नहीं देती।

आज भी वह फ्लैट खाली है। और कोठारी बिल्डिंग के गार्ड रात में वहां के पास नहीं जाते। उनका कहना है—“उस कमरे में सिर्फ यादें नहीं रहतीं… कोई और भी है।”


4. अग्रसेन की बावड़ी, दिल्ली – मौत को बुलाने वाली रहस्यमयी बावड़ी

दिल्ली के मध्य में स्थित अग्रसेन की बावड़ी, देश का एक ऐतिहासिक और डरावना स्थान है। यह बावड़ी सिर्फ एक पुरानी संरचना नहीं, बल्कि एक रहस्य है। हजारों वर्षों का इतिहास समेटे, यह जगह आज भी लोगों के मन में भय पैदा करती है।

कहते हैं कि यह बावड़ी सिर्फ पानी जमा करने की जगह नहीं थी, बल्कि प्राचीन काल में इसे आध्यात्मिक शक्तियों और काले जादू के लिए भी इस्तेमाल किया जाता था। बावड़ी की कई मंज़िलें हैं और नीचे जाते-जाते रोशनी कम होती जाती है। जैसे-जैसे नीचे उतरते हैं, एक अजीब सी ठंडक महसूस होती है।

कई पर्यटकों ने दावा किया है कि नीचे जाते समय ऐसा लगता है कि कोई पीछे-पीछे आ रहा है। आप रुकें तो वह भी रुक जाता है… आप चलें तो वह भी चलता है। लेकिन पीछे मुड़कर देखें तो कोई नहीं होता—सिर्फ सन्नाटा और गूंजती आवाजें।

सबसे डरावना हिस्सा है “काले पानी” की कहानी। कहा जाता है कि इस बावड़ी का पानी लोगों को अपनी ओर खींचता था। ऐसे कई किस्से हैं कि लोग पानी देखने गए और अचानक नीचे कूद गए—मानो किसी शक्ति ने उन्हें धक्का दिया हो। स्थानीय लोग कहते हैं कि बावड़ी के अंदर छिपी ऊर्जा लोगों के मन को नियंत्रित कर लेती है।

कई लोगों ने वहां बैठी परछाइयों को चलते हुए देखा है। कुछ लोगों का दावा है कि नीचे की सीढ़ियों पर एक काला साया दिखता है, जो नीचे की ओर खींचता है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों का एक समूह नीचे घूमने गया था। उनमें से एक लड़की अचानक बेहोश हो गई। होश में आने के बाद उसने बताया—
“किसी ने मेरा हाथ पकड़ा था… बहुत जोर से…”

बावड़ी की दीवारें भी काफी अजीब हैं। उन पर बार-बार दस्तक जैसी आवाजें आती हैं, मानो कोई भीतर से बाहर निकलना चाहता हो। कई पर्यटकों ने कहा कि वहां से अचानक ठंडी हवा के झोंके आते हैं, जबकि आसपास तेज गर्मी होती है।

रात के समय यह जगह और भयानक हो जाती है। कई लोगों ने कहा है कि अंधेरा बढ़ते ही बावड़ी एक अलग रूप ले लेती है—मानो वह जीवित हो। आवाजें बढ़ने लगती हैं, सीढ़ियों पर हरकत महसूस होती है और दीवारों पर गिरती परछाइयां खुद-ब-खुद आकार बदलती हैं।

दिल्ली में शूट होने वाली कई फिल्मों की टीम भी यहां रहस्यमयी घटनाओं का अनुभव कर चुकी है। एक बार एक कैमरा अचानक अपने आप गिर गया। एक लाइट बिना हवा के टूट गई। और एक साउंड रिकॉर्डर में किसी के फुसफुसाने की आवाज रिकॉर्ड हुई—जबकि वहां कोई नहीं था।

कई लोग इसे परालौकिक गतिविधियों का केंद्र मानते हैं। कुछ कहते हैं कि यहां सेना के पुराने सैनिकों की आत्माएं रहती हैं, कुछ कहते हैं कि यहां काला जादू किया जाता था। वैज्ञानिक इसे “echo effect and psychological illusion” कहते हैं, लेकिन वहां जाने वाले लोग कहते हैं—
“यहां कुछ ऐसा है जो दिखता नहीं, लेकिन महसूस जरूर होता है…”

अग्रसेन की बावड़ी आज भी दिल्ली की सबसे डरावनी जगहों में गिनी जाती है। और यहां के रहस्य शायद कभी पूरी तरह सुलझ नहीं पाएंगे।

5. शनिवारवाड़ा किला, पुणे – पेशवा नारायणराव की रोती हुई आत्मा की सच्ची दास्तान

पुणे का शनिवारवाड़ा किला मराठा साम्राज्य की वीरता, राजनीति, षड्यंत्र और खून से भरी उस दर्दनाक घटना का गवाह है, जिसने इस स्थान को भारत की सबसे डरावनी जगहों में शामिल कर दिया। इस किले का नाम सुनते ही एक ही चीख गूंजती महसूस होती है—
“काका! मला वाचवा!” (काका! मुझे बचाओ!)
यह वही चीख है, जो मरते समय बाल पेशवा नारायणराव ने लगाई थी। कहते हैं कि वह आज भी शनिवारवाड़ा की दीवारों में कैद है।

यह कहानी 1773 की है। बाल पेशवा नारायणराव मात्र 17 वर्ष के थे। उनका शासनकाल छोटा पर बेहद महत्वपूर्ण था। लेकिन परिवार की राजनीति और सत्ता की भूख ने उनकी जिंदगी खत्म कर दी। नारायणराव के चाचा रघुनाथराव को पेशवा की गद्दी चाहिए थी, जबकि नारायणराव अपनी मां के निर्देश पर शासन कर रहे थे।
कहते हैं रघुनाथराव की पत्नी आनंदीबाई ने एक पत्र में “धरा” (पकड़ो) को “मारा” (मारो) कर दिया। यह पत्र गार्डों तक पहुंचा और उन्होंने इसे आदेश मानकर नारायणराव पर हमला कर दिया।

इतिहास कहता है कि गार्डों ने किले में घुसकर युवा पेशवा का पीछा किया। धौंस, डर और आतंक से भरे उस क्षण में नारायणराव अपने चाचा के कमरे में भागे और चिल्लाए—
“काका! मला वाचवा!”
लेकिन उन्हें कोई नहीं बचा पाया। उन्हें खींचकर तलवारों से टुकड़े-टुकड़े कर दिया गया।

उस दिन के बाद से शनिवारवाड़ा सिर्फ एक किला नहीं, बल्कि एक दर्दनाक स्मृति बन गया।

अब आते हैं इसकी भूतिया कहानी पर—

कई लोग दावा करते हैं कि अमावस्या की रात शनिवारवाड़ा किले में अजीब आवाजें सुनाई देती हैं। आधी रात के बाद हवा भारी हो जाती है, वातावरण में उदासी और डर गहरा जाता है। और फिर अचानक… किले में एक लड़के की चीख गूंजती है—
“काका! मला वाचवा!”
स्थानीय लोग कहते हैं कि नारायणराव की आत्मा आज भी मुक्ति नहीं पा सकी है और मदद मांगते हुए भटकती है।

कई सुरक्षा गार्ड बताते हैं कि रात में किले की दीवारों के पास चलते हुए किसी बच्चे के कदमों की आवाज आती है। कभी अचानक किसी के रोने की आवाज, तो कभी किले के अंदर से धातु टकराने जैसी ध्वनि।

एक घटना 2001 की है—एक पर्यटक समूह सुबह बहुत जल्दी किले में प्रवेश कर गया। उन्होंने बताया कि उन्हें एक बालक जैसा साया अपने सामने से भागते हुए दिखाई दिया। उनके पीछे बच्चे की चीखें सुनाई दी। जब उन्होंने गार्ड को बताया, गार्ड चौंक गया और बोला—
“आपने वही सुना, जो सदियों से यहां गूंज रहा है।”

कई लोगों ने रात में दीवारों पर चढ़ते अंधेरे साये भी देखे हैं, जो अचानक गायब हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह कोई साधारण आत्मा नहीं बल्कि अधूरी इच्छा से बंधा हुआ अस्तित्व है।

कहते हैं कि आनंदीबाई की आत्मा भी कभी-कभी यहां घूमती दिखाई देती है, मानो आज भी अपने किए पर पछता रही हो। इतिहासकार इसे मिथक मानते हैं, लेकिन वहां जाने वाला हर व्यक्ति कुछ न कुछ अजीब महसूस करता है—मानो समय वहीं ठहर गया हो, और उस रात की चीखें अब भी हवा में तैरती हों।


6. रोस आइलैंड, अंडमान – अंग्रेजों की आत्माओं वाला भूला हुआ “घोस्ट टाउन”

अंडमान का रोस आइलैंड एक समय ब्रिटिश शासन का दिल हुआ करता था। अंग्रेजों का प्रशासन, उनके सुंदर घर, चर्च, बैरक, हॉस्पिटल—सब यहीं थे। यह द्वीप इतना सुंदर था कि इसे “पूर्व का पेरिस” कहा जाता था। लेकिन आज?
आज यह जगह एक भूतिया शहर है—टूटी इमारतें, पेड़ों से ढके खंडहर, खाली चर्च, और सन्नाटा ऐसा कि हवा भी डर से खामोश हो जाती है।

रोस आइलैंड की भूतिया कहानी तब शुरू हुई जब 1942 में इस द्वीप पर जापानी सेना ने हमला किया। ब्रिटिश लोग भाग गए और यह द्वीप वीरान हो गया। कुछ लोग मानते हैं कि तब से यहां बसे सैनिकों और अधिकारियों की आत्माएं आज भी इसी द्वीप पर घूमती हैं।

द्वीप का वातावरण ही डर पैदा कर देता है। समुद्र के बीच में स्थित यह खंडहरनुमा टापू एकदम शांत रहता है। न कोई घर, न कोई इंसान—सिर्फ गिरे हुए पेड़ों से ढके भवन और झाड़ियों में छिपते पुराने कमरे।

कई पर्यटकों ने बताया है कि उन्होंने इन खंडहरों के बीच ब्रिटिश यूनिफॉर्म पहने सिपाही चलते हुए देखे हैं। उनके कदमों की आवाज सुनाई देती है, लेकिन पीछे मुड़कर देखने पर कोई नहीं होता।

एक बार एक समूह ने रात में द्वीप की ओर जाते समय देखा कि एक पुरानी इमारत में लाइट जल रही थी। लेकिन उस इमारत में बिजली का कोई कनेक्शन नहीं था।
जब वे पास पहुंचे, लाइट अचानक बुझ गई।

कई गाइड बताते हैं कि खाली चर्च से कभी-कभी प्रार्थना जैसी आवाजें आती हैं। मानो कोई अदृश्य समूह वहां बैठकर भजन गा रहा हो। कई लोगों ने चर्च की पुरानी लकड़ी की बेंचों को अपने आप हिलते हुए भी देखा है।

सबसे डरावना अनुभव एक विदेशी पर्यटक ने बताया। वह पुराने ब्रिटिश क्लब के पास घूम रहा था कि अचानक उसे लगा कोई उसके पीछे-पीछे चल रहा है। उसके आपको भारी साँसों की आवाज सुनाई दी। उसने पीछे मुड़कर देखा—कोई नहीं था। लेकिन जैसे ही वह आगे बढ़ा, उसने साफ-साफ एक अंग्रेजी शब्द सुना—
“Leave…”
वह डरकर भाग गया।

द्वीप के स्थानीय लोग कहते हैं कि पानी के पास अक्सर सफेद कपड़ों में एक महिला दिखती है। उसका चेहरा अस्पष्ट होता है और वह समुद्र की ओर देखकर खड़ी रहती है—जैसे किसी जहाज का इंतज़ार कर रही हो, जो कभी लौटकर नहीं आया।

रोस आइलैंड की पेड़ों से ढँकी इमारतें आज भी एक खामोश कहानी कहती हैं। ऐसा लगता है कि समय यहां थम गया है; मानो द्वीप अभी भी अपने पुराने निवासियों की प्रतीक्षा कर रहा हो।
कई लोगों का कहना है कि यह द्वीप “जिंदा” है—लेकिन इंसानों से नहीं… आत्माओं से।

7. कोटकई मिडनाइट रोड, हिमाचल — रात के अंधेरे में अचानक प्रकट होने वाली “सफ़ेद औरत” की दहला देने वाली कहानी

हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत पहाड़ियाँ वैसे तो शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक हैं, लेकिन कुछ जगहें ऐसे रहस्य छुपाए बैठी हैं जिन्हें सुनकर अच्छे-अच्छों के रोंगटे खड़े हो जाएँ। ऐसी ही एक जगह है कोटकई मिडनाइट रोड। दिन में यह सड़क शांत, सुरम्य और बेहद खूबसूरत लगती है, लेकिन रात होते ही इसका रूप बदल जाता है।

यह सड़क घने जंगलों के बीच से गुजरती है। शाम ढलते ही धुंध छाने लगती है, जिससे सड़क पर दृश्यता लगभग शून्य हो जाती है। लेकिन असली डर तब शुरू होता है जब यात्री यहां सफ़ेद साड़ी वाली रहस्यमयी औरत को देखने की बात बताते हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कई साल पहले एक महिला सड़क दुर्घटना में मारी गई थी। उसका शव तीन दिन बाद मिला था, लेकिन कहते हैं आत्मा कभी मुक्त नहीं हुई। उस दिन के बाद से रात में यह सड़क “सफ़ेद औरत वाली सड़क” के नाम से प्रसिद्ध हो गई।

कई यात्रियों ने बताया कि रात में सड़क पर चलते समय अचानक धुंध मोटी हो जाती है, मानो कोई उन्हें रास्ता भटकाना चाहता हो। और फिर अचानक सड़क के बीचों-बीच सफेद कपड़ों में एक औरत खड़ी दिखती है। उसका चेहरा धुंधला, बाल खुले और आँखें बिल्कुल लाल—मानो वर्षों का दर्द उनमें समाया हो।

एक ट्रक ड्राइवर की घटना बहुत मशहूर है। उसने बताया कि रात करीब 2 बजे वह इसी सड़क से गुजर रहा था। अचानक उसके ट्रक के सामने एक औरत आ गई। उसने तुरंत ब्रेक लगाया, लेकिन ब्रेक लगाने से पहले ही वह औरत हवा में गायब हो गई।
उसने डरकर गाड़ी रोक दी और नीचे उतरा। लेकिन तभी उसे किसी के रोने की आवाज सुनाई दी—इतनी दर्दनाक कि उसका दिल कांप उठा। जब उसने टॉर्च उठाई, तो सामने कुछ नहीं था—सिर्फ घना धुंध और ठंडी हवा।

कुछ लोग दावा करते हैं कि कभी-कभी यह सफेद औरत यात्रियों के साथ लिफ्ट लेने की कोशिश करती है। एक आदमी ने बताया कि रात में उसकी बाइक अचानक बंद हो गई। उसने सामने देखा, तो वह औरत चुपचाप खड़ी थी। उसने हाथ बढ़ाया—मानो उसे बैठने के लिए कह रही हो। उस व्यक्ति ने दौड़ लगाई और किसी तरह अपने गांव पहुँचकर ही उसकी सांसें वापस आईं।

स्थानीय गाइड्स बताते हैं कि अगर कोई व्यक्ति आधी रात को इस सड़क से गुजरने की कोशिश करे, तो अक्सर उसे ऐसा महसूस होता है जैसे कोई पीछे से उसके कंधे पर हाथ रख रहा हो। कुछ ने बताया कि उन्हें बाइक या कार की पीछे वाली सीट में किसी के बैठने का वजन महसूस हुआ।

कोटकई मिडनाइट रोड का डर इतना प्रसिद्ध है कि कई टैक्सी ड्राइवर इस रास्ते को रात में लेने से इनकार कर देते हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ भूत-प्रेत की कहानी नहीं, बल्कि एक “अदृश्य शक्ति” का क्षेत्र है।
कहा जाता है कि यह आत्मा उन यात्रियों को डराती नहीं जो शांत रहते हैं। लेकिन अगर कोई डर जाता है या चिड़चिड़ा हो जाता है, तो वह आत्मा उसके करीब आने की कोशिश करती है।

कुछ लोग मानते हैं कि आत्मा सिर्फ अपनी अनकही कहानी सुनाना चाहती है—एक ऐसी कहानी, जिसे कभी किसी ने पूरी तरह समझने की कोशिश नहीं की। शायद वह आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रही है।


8. रायगढ़ किला, महाराष्ट्र – आत्माओं का अदृश्य दरबार

सह्याद्री की ऊँची पहाड़ियों के बीच, बादलों की धुंध और ठंडी हवाओं से घिरा रायगढ़ किला, केवल इतिहास का गवाह नहीं, बल्कि ऐसी अनकही आत्मिक घटनाओं का केंद्र भी माना जाता है जिनका आज तक कोई वैज्ञानिक स्पष्टीकरण नहीं मिल पाया। यह वही स्थान है जहाँ छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने महान मराठा साम्राज्य की राजधानी स्थापित की थी। लेकिन इस किले की दीवारें केवल विजय और पराक्रम की कहानियाँ ही नहीं कहतीं—वे अंधेरे में ऐसी हलचलें भी महसूस कराती हैं, मानो सदियाँ गुजर जाने के बाद भी यहाँ किसी का शासन चलता हो।

रायगढ़ किले की चढ़ाई जितनी सुंदर है, उतनी ही रहस्यमयी भी। जंगलों से होते हुए जैसे-जैसे यात्री ऊपर बढ़ते हैं, हवा में एक अजीब सा कंपन महसूस होने लगता है—मानो प्रकृति भी चुपचाप एक अदृश्य चेतावनी देती हो। किले के विशाल दरवाज़े के पास खड़े होकर कई लोग बताते हैं कि उन्हें अक्सर ऐसा सुनाई देता है जैसे लोहे के कवच पहने सैनिकों की टुकड़ी किले में गश्त कर रही हो। लेकिन जब वे पीछे मुड़कर देखते हैं—तो वहाँ सिर्फ़ सन्नाटा होता है।

सबसे डरावनी घटनाएँ रात के समय महाराजा शिवाजी के दरबार वाले हिस्से में महसूस की जाती हैं। स्थानीय गाइड बताते हैं कि कई बार वहाँ पर एक विशाल सभागार के होने का भ्रम होने लगता है—जैसे कोई राजसभा अब भी चल रही हो, कोई आदेश दे रहा हो, तलवारें खनक रही हों, और पैरों की भारी-भरकम आहट पूरे परिसर में गूंज रही हो। ये आवाज़ें इतनी वास्तविक लगती हैं कि दिल तेज़ी से धड़कने लगता है, मगर पास जाने पर वहाँ बस हवा सरसराती मिलती है।

कहते हैं कि किले के “रानी महल” की खंडहर दीवारों से अक्सर एक स्त्री के गहनों की हल्की खनक सुनाई देती है। कई पर्यटकों ने दावा किया है कि उन्होंने वहाँ किसी को चलते हुए महसूस किया, मानो कोई राजसी महिला उन्हें दूर से देख रही हो। पर जब उन्होंने नज़दीक जाकर देखने की कोशिश की, तो सिर्फ़ ठंडी हवा उनके चेहरे को छूकर निकल गई।

सबसे रहस्यमय हिस्सा है—फांसी टोक। इतिहास कहता है कि यह वह स्थान था जहाँ गद्दारों और शत्रुओं को सज़ा दी जाती थी। रात के समय यहाँ अजीब-सी चीखें सुनाई देती हैं—इतनी वास्तविक कि पर्यटक डर के मारे दौड़ पड़ते हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि यहाँ आज भी उन आत्माओं का दुःख और भय मंडराता है, जिन्हें कभी न्याय मिलने से पहले ही मौत की घाट उतार दिया गया था।

रायगढ़ किले पर तैनात कई सुरक्षा गार्डों ने भी बताया है कि कई रातों में उन्हें “रक्षा कवच धारण किए हुए सैनिकों” की परछाइयाँ दिखती हैं। पूरा किला मानो किसी अदृश्य सेना की सुरक्षा में आज भी खड़ा हो, जहाँ अतीत के योद्धा अपने साम्राज्य को छोड़कर जाने को तैयार नहीं हैं।

और शायद यही कारण है कि रायगढ़ केवल एक ऐतिहासिक जगह नहीं—एक ऐसा स्थान है जहाँ इतिहास सिर्फ़ पढ़ा नहीं जाता, बल्कि महसूस होता है। ऐसा महसूस होता है जैसे समय यहाँ रुका हुआ है। जैसे शिवाजी महाराज के सैनिक आज भी अपनी भूमि की रक्षा कर रहे हों। जैसे किले का हर पत्थर किसी रहस्य को छुपाए इंतज़ार कर रहा हो—किसी ऐसे व्यक्ति का जो आए, सुने, समझे… और शायद महसूस करे कि इस धरती पर अतीत अभी भी जीवित है।

9. खुर्दा रेलवे स्टेशन, ओडिशा — पटरियों पर भटकती “रेलवे कॉलोनियल मास्टर” की आत्मा

ओडिशा का खुर्दा रेलवे स्टेशन जितना व्यस्त और आधुनिक दिखता है, उतना ही पुराना और रहस्यमय इतिहास इसके भीतर छिपा है। दिन में यहाँ हजारों यात्री आते-जाते हैं, लेकिन रात के बाद यह स्थान एक भूतिया अध्याय का हिस्सा बन जाता है।
स्थानीय लोगों, रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों का कहना है कि स्टेशन के आसपास रात में अजीब घटनाएँ होती हैं — पटरियों पर चलते कदमों की आवाजें, साए का अचानक गुजर जाना, किसी का जोर से सीटी बजाना, और कभी-कभी एक आदमी की चीख सुनाई देना।

कहानी 1905 के ब्रिटिश शासन की है। उस समय यहाँ एक अंग्रेज अफसर रहता था, जिसे लोग “कॉलोनियल मास्टर एडवर्ड” कहा करते थे। वह बहुत कड़क स्वभाव का था और कर्मचारियों को कठोर दंड देता था। रेलवे लाइन के निर्माण के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई। लोग कहते हैं कि यह हादसा नहीं, बल्कि एडवर्ड की निर्दयता के कारण हुई घटना थी। मजदूरों ने उसे बददुआ दी —
“तेरी आत्मा इन पटरियों पर ही भटकेगी।”

कुछ महीनों बाद एडवर्ड की मौत रहस्यमय परिस्थितियों में हुई। एक ट्रेन के नीचे आने के बाद उसका शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत मिला, लेकिन किसी को समझ नहीं आया कि वह रात के समय अकेले ट्रैक पर क्यों गया था।

उसकी मौत के बाद स्टेशन पर अजीब घटनाएँ शुरू हुईं।

रात के अंतिम पहर में गार्ड और ड्राइवर बताते हैं कि उन्होंने एक अंग्रेज आदमी को रेलवे पटरियों पर खड़े देखा है। उसकी यूनिफॉर्म पुरानी ब्रिटिश शैली की होती है, टोपी नीचे झुकी रहती है, और वह किसी को आदेश देने के अंदाज में हाथ उठाता है।
लेकिन जब पास जाओ — वह अचानक गायब हो जाता है।

एक गार्ड की घटना बहुत मशहूर है। वह रात में प्लेटफॉर्म पर चक्कर लगा रहा था। तभी उसने देखा कि प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर कोई सीटी बजा रहा था — जैसे ट्रेन को सिग्नल दे रहा हो।
गार्ड दौड़कर वहाँ पहुंचा, लेकिन वहां कोई नहीं था।
अचानक उसकी पीठ पर किसी ने जोर से हाथ रखा। उसने पलटकर देखा — कोई नहीं।

कई यात्रियों ने बताया है कि देर रात प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास से तेज कदमों की आवाज आती है, जैसे कोई भारी बूट पहनकर चल रहा हो।
एक बूढ़ी महिला ने तो यह भी बताया कि उसे कोई अंग्रेज़ में चिल्लाता सुनाई दिया —
“Move! Move!” (हटो! हटो!)
लेकिन आसपास सिर्फ सन्नाटा था।

रेलवे स्टाफ सबसे ज्यादा डर उस कमरे से लगता है जहाँ कभी एडवर्ड रहा करता था। वह कमरा अब बंद है, लेकिन कहते हैं अंदर से कभी-कभी खिड़कियाँ अपने आप खुल-बंद होती सुनाई देती हैं।
कुछ कर्मचारियों का कहना है कि कमरे के पास खड़े होने पर ऐसा लगता है जैसे कोई लगातार निगाह रख रहा हो।

कई रातों में पटरियों के पास एक लालटेन का धुंधला प्रकाश दिखाई देता है। मानो कोई निरीक्षण कर रहा हो — बिल्कुल वैसे जैसे एडवर्ड किया करता था।

रेलवे रिकॉर्ड में कई बार ऐसी घटनाएँ दर्ज हुई हैं जिनका कोई तार्किक जवाब नहीं मिला।
कुछ ट्रेन ड्राइवर बताते हैं कि उन्हें पटरियों पर अचानक एक आदमी खड़ा दिखाई दिया। वे ब्रेक लगाते लगाते रह गए — लेकिन कुछ ही सेकंड में वह आदमी हवा की तरह गायब हो गया।

अधिकांश लोग मानते हैं कि एडवर्ड की आत्मा अभी भी स्टेशन पर घूमती है। वह अपने पुराने शासन को निभाना चाहती है — आदेश देना, निरीक्षण करना, और रात में ट्रैक पर गश्त करना।
यह आत्मा न तो भलाई चाहती है न बुराई — बस अपने पुराने दायित्व में फंसी हुई है।

रमोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद — युद्धभूमि के शाप से जन्मा सिनेमाई भूतों का शहर

रमोजी फिल्म सिटी भारत का सबसे बड़ा फिल्म स्टूडियो है, जहाँ रोज़ फिल्मों की शूटिंग होती है। दिन में यह जगह चमक-धमक, ग्लैमर और रौनक से भरी रहती है।
लेकिन रात होते ही यह स्थान एक डरावनी दुनिया में बदल जाता है — ऐसी दुनिया जहां रोशनी बंद होते ही सुनाई देती हैं अजीब आवाजें, दीवारों पर टकराती परछाइयाँ और फिल्मी सेट्स के पीछे छिपे रहस्यमयी साये।

कहते हैं कि यह पूरी जगह एक पुरानी युद्धभूमि पर बनाई गई है। कई सदियों पहले यहाँ भयंकर युद्ध हुआ था, जिसमें हजारों सैनिक मारे गए। लोगों का मानना है कि उन्हीं सैनिकों की आत्माएँ अब भी यहाँ भटकती हैं।

सबसे डरावनी घटनाएँ होटल कमरों में होती हैं। कई युवतियाँ बताती हैं कि रात में किसी अदृश्य हाथ ने उन्हें धक्का दिया, उनके कपड़ों को खींचा, या उनके कमरे के बाथरूम में अचानक शावर अपने आप चलने लगा।
कई लड़कों ने बताया कि उनकी खिड़कियाँ अपने आप खुल जाती हैं और कमरे के भीतर अचानक तेज हवा घुस जाती है — जबकि बाहर हवा बिल्कुल नहीं चल रही होती।

एक होटल कर्मचारी ने बताया कि वह एक कमरा साफ कर रहा था। तभी उसके पीछे किसी ने भारी कदमों से चलकर आने की आवाज की। उसने सोचा शायद कोई दूसरा वर्कर है, लेकिन जब उसने मुड़कर देखा — कोई नहीं।
अचानक कमरे में रखी प्लेट जोर से ज़मीन पर गिर पड़ी, जबकि वह मेज के बीच में रखी थी।

फिल्म शूट के दौरान भी कई अजीब घटनाएँ होती हैं।
एक बार एक एक्शन सीन की शूटिंग हो रही थी। एक स्टंटमैन को अचानक लगा कि किसी ने उसे पीछे से धक्का दिया। वह गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। पर जब वीडियो देखा गया — उसके पीछे कोई नहीं था।

कई डायरेक्टर बताते हैं कि कभी-कभी सेट की लाइटें अचानक अपने आप बंद हो जाती हैं या एक-एक करके झपकती हैं — जैसे कोई अदृश्य शक्ति उन्हें छू रही हो।

सबसे डरावनी घटना एक रात हुई। कुछ डांसर्स अभ्यास कर रहे थे। अचानक म्यूजिक अपने आप तेज हो गया और फिर कुछ सेकंड बाद बंद हो गया।
दाएं कोने में खड़े एक डांसर ने देखा कि हॉल के कोने में एक काली परछाई खड़ी है — लंबी और बिल्कुल स्थिर। जब उसने दूसरों को दिखाया, परछाई गायब हो गई।

रमोजी फिल्म सिटी के सुरक्षाकर्मी रात की शिफ्ट से डरते हैं। वे बताते हैं कि कभी-कभी कैंपस के बड़े गेट अपने आप खुलते-बंद होते हैं।
कभी-कभी किसी सैनिक की तरह भारी बूटों की आवाज सुनाई देती है — जैसे कोई कदमताल कर रहा हो।

कुछ ध्वनि कलाकारों ने बताया कि रिकॉर्डिंग रूम में उन्हें दूर से युद्ध की आवाजें — तलवारों की टकराहट, सैनिकों की चीखें — जैसी ध्वनियाँ सुनाई देती हैं।
लेकिन कमरे में सिर्फ वे अकेले होते हैं।

कई लोग मानते हैं कि रमोजी फिल्म सिटी दो दुनियाओं का संगम है —
एक फिल्मों की दुनिया,
और एक आत्माओं की दुनिया
दिन में यह फिल्मी दुनिया सक्रिय रहती है।
रात में — आत्माएँ।

और शायद ये आत्माएँ सिर्फ इस जगह से बंधी हुई हैं, अपनी अधूरी लड़ाई लड़ती हुई।

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Frequently Asked Questions (FAQ)

1. भारत की सबसे डरावनी जगह कौन सी है?

भानगढ़ किला भारत की सबसे डरावनी जगहों में से माना जाता है, जहां सूर्यास्त के बाद प्रवेश करना प्रतिबंधित है।

2. क्या इन जगहों पर आत्माएं वास्तव में रहती हैं?

वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं, लेकिन स्थानीय लोग और पर्यटक कई अजीब घटनाओं का दावा करते हैं।

3. क्या haunted places पर जाना सुरक्षित है?

दिन के समय सुरक्षित है, लेकिन रात में इन जगहों पर जाने की सलाह नहीं दी जाती, खासकर जंगल और खंडहर क्षेत्रों में।

4. क्या इन जगहों पर भूतों ने किसी को नुकसान पहुंचाया है?

अधिकतर रिपोर्टें डर, विचलन या अजीब अनुभवों की हैं, लेकिन गंभीर नुकसान की पुष्टि नहीं होती।

5. क्या बच्चे इन जगहों पर जा सकते हैं?

ऐतिहासिक रुचि के लिए जा सकते हैं, लेकिन डरावने और सुनसान क्षेत्रों में बच्चों को ले जाना उचित नहीं।

India’s Top 10 Most Haunted Places and Their Complete Stories

Below are the most terrifying and mysterious haunted places in India where people claim spirits still wander.

Bhangarh Fort, Rajasthan – The Cursed Kingdom Where Shadows Whisper After Sunset

Bhangarh Fort, Rajasthan
Bhangarh Fort, Rajasthan

Bhangarh Fort is widely known as India’s most haunted place, and for good reason. Surrounded by the Aravalli mountains, wrapped in silence, and shielded by a mysterious curse, this 17th-century fort transforms into a realm of shadows the moment the sun sets behind its ancient walls.
The Archaeological Survey of India has officially warned visitors not to enter the area after sunset and before sunrise — a rule that alone has made the fort legendary.

But the true terror lies in the story that still echoes through its ruins.

The tale begins with Princess Ratnavati, the most beautiful woman in Rajasthan, whose beauty attracted kings, nobles, and—tragically—a powerful black magician named Singhia. Obsessed with the princess, Singhia attempted to cast a dark spell on her by enchanting the oil she planned to apply on her hair.
But Ratnavati was sharp. She sensed the foul magic and hurled the oil away. The enchanted oil struck a boulder instead, which began rolling magically toward Singhia.
Crushed under his own black magic, the dying magician cursed Bhangarh:

“Bhangarh shall crumble. No soul will ever find peace here.”

Soon after, a devastating battle broke out. The entire royal family perished. Bhangarh, once a vibrant kingdom, turned into a ghost town overnight.

Visitors who enter the fort during the day often feel an eerie heaviness in the air. The palaces, temples, and deserted market lanes echo with a silence so deep it almost speaks.
But everything changes after sunset.

Locals say that at night, shadows move across the broken walls, voices whisper in the wind, and the cries of a woman are heard near the old palace. Some claim these are the echoes of Princess Ratnavati’s soul—still trapped, still waiting.

Several travellers and thrill-seekers have tried sneaking in after dark. Many returned terrified, while some never returned at all. A group of students once entered the fort at midnight. They reported hearing footsteps behind them, though no one was in sight.
One boy felt someone push him, and moments later they saw a dark figure on the terrace of the palace. When they ran, they kept hearing something chase them through the ruins.

One of the spookiest spots is the Dancers’ Haveli, where people often claim to hear anklet sounds — as if invisible dancers move across the dusty floors. Another is the Royal Palace, where a sweet fragrance sometimes appears without any source, believed to be linked to the princess.

Even animals behave differently inside Bhangarh. Birds refuse to nest there. No wild animals wander inside after dusk.

Researchers have tried debunking the myths, but even skeptics admit the energy inside the fort is “unexplained and uncomfortable.”

Is it the curse of Singhia?
Is it the unfinished story of Ratnavati?
Or is Bhangarh a portal to something older and darker?

Whatever the truth, one thing is certain:

Bhangarh is not just a fort — it is a memory carved in stone, guarded by spirits, frozen in time.


2. Kuldhara Village, Jaisalmer – The Abandoned Village Where 1,500 Souls Vanished Overnight

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Kuldhara is one of the most chilling mysteries of India — a village that once flourished with life but turned into a ghost settlement overnight, leaving behind only broken walls, silent courtyards, and an unending curse.

Nearly 300 years ago, Kuldhara was home to the Paliwal Brahmins, a prosperous community known for wisdom, architecture, and trade. The village was peaceful until the arrival of the tyrant Salim Singh, the powerful Diwan of Jaisalmer, whose greed destroyed everything.

Salim Singh’s eyes fell on a young Brahmin girl known for her beauty and grace.
He demanded that she be married to him — or else he would crush the entire community with taxes and brutality.

The Paliwals were faced with an impossible choice. Rather than surrender one girl to a monster, they held a secret meeting across all 85 nearby villages.
In one single night, every man, woman, and child of Kuldhara vanished.
Not a single flame burning, not a single footprint left behind — just silence.

Before leaving, the Paliwals cursed the land:

“No one will ever be able to live here. Anyone who tries will perish.”

Since then, Kuldhara has remained abandoned for centuries.

Visitors who enter the village often experience an unsettling stillness. The houses are intact, as if the residents left just moments ago. Clay pots sit broken on the floor. Narrow lanes whisper as the desert wind passes through them.

But the true horror begins after evening.

Many people who dared to stay back have reported eerie experiences — shadows moving across broken walls, sudden temperature drops, footsteps following them, and a strange smell of burnt wood, though there is no fire.

Several paranormal investigators have visited Kuldhara. One famous team reported that their equipment picked up the word “Leave” multiple times.
Another group heard stones being thrown from unseen hands.

Locals share frightening stories of travellers who tried spending the night here but ran out screaming before midnight. One man claimed he saw a group of ghostly figures walking together in the sand — the Paliwal villagers, still wandering.

Another common phenomenon is the sound of crackling fires, though there are no houses left standing with roofs.

A taxi driver once narrated that while driving past the village, he saw a woman standing alone near a ruined house. When he slowed down, she vanished into thin air. His engine stopped at the same moment and refused to restart for several minutes.

The village’s cursed reputation is so strong that even today, despite government attempts to resettle it, no one dares to build a house or stay after dusk.

Kuldhara stands frozen in history — a silent testimony of a community’s sacrifice and the curse they left behind.
It is a haunting reminder that sometimes the most terrifying ghosts are not monsters… but memories.

3. D’Souza Chawl, Mumbai – The Ghost of the Well Who Still Cries for Help at Midnight

D’Souza Chawl, Mumbai – The Ghost of the Well Who Still Cries for Help at Midnight
D’Souza Chawl, Mumbai – The Ghost of the Well Who Still Cries for Help at Midnight

Mumbai is a city full of life, noise, dreams, and endless movement. Yet hidden amidst this fast-paced world lies a haunting story that turns even the bravest hearts cold.
This is the eerie tale of D’Souza Chawl, a densely populated area in Mahim, where a tragic accident turned into one of the scariest paranormal legends of Mumbai.

Years ago, the chawl had an old open well. It was the lifeline of the community—women gathered around it to fill water, children played nearby, and the well was considered completely safe.
But one evening, everything changed.

A middle-aged woman went to the well to fetch water. The ground around the well had cracked due to old age, but no one noticed. As she leaned forward, the earth beneath her feet collapsed. She screamed, but before anyone could help, she slipped inside and drowned.
Her body was retrieved much later, but the tragedy shook the entire community.

That’s where the haunting began.

Soon after her death, people reported seeing a female figure near the well after sunset. She appeared in a soaked sari, her hair dripping wet, her face pale and sorrowful.
Some saw her standing silently. Others saw her walking around the well.
But the most terrifying accounts came from those who heard her cry softly, like someone still asking for help.

Residents say her spirit is harmless — she doesn’t attack or frighten people deliberately.
But there is one condition: Never approach the well after dark.

A man who ignored the advice experienced something chilling. As he went near the well around midnight, he heard a faint whisper:

“Help me… Please…”

Thinking it was someone human, he looked into the well. That’s when he saw a blurred figure staring back at him. He ran away terrified, and since that night, he never walked alone near the well again.

Another resident mentioned hearing footsteps outside her window at 3 AM. When she looked outside, she saw the unmistakable outline of a woman walking slowly around the well—then dissolving into thin air.

Stranger still, animals seem to sense her presence.
Dogs begin barking for no reason at night.
Cats refuse to go near the well.

The area around the well is colder than the rest of the chawl—several degrees lower, even in Mumbai’s humid weather.

Some people believe the spirit simply relives her final moments each night, stuck in a loop of fear and helplessness. Others say she is searching for someone to notice her, acknowledge her, or perhaps pray for her peace.

No matter what the truth is, one thing is certain:
Even today, the residents of D’Souza Chawl lock their doors early.
And after dark, they never step close to the well…
Because sometimes, the past doesn’t fade.
It stays.
And watches.


4. Dow Hill, Kurseong (West Bengal) – The Forest Where Headless Ghosts Walk the Misty Trails

Dow Hill, Kurseong
Dow Hill, Kurseong

West Bengal’s charming hill station Kurseong looks peaceful during the day, with its lush green forests, wooden houses, and cool mountain breeze. But once evening falls, Dow Hill becomes one of the most haunted forests in India.

The forest is dense, dark, and eerily silent. Even the birds stop singing when the mist flows in. Locals say that Dow Hill has been cursed for centuries — and the most frightening figure seen here is the infamous:

The Headless Ghost Boy of Dow Hill Road

Multiple woodcutters and forest guards claim to have seen a young boy without a head walking along the forest path. The ghost appears suddenly, walks for a few seconds, and then… disappears into the trees.
Some people fainted from shock; others ran for their lives.

One guard who witnessed it said:
“Even after the ghost vanished, I felt he was still watching me.”

The stretch between Dow Hill Road and Kurseong Forest Office is known as “The Death Road.” They say anyone who walks alone here at night senses someone following them — but when they turn around, no one is there.

The Victorian-style Dow Hill Boarding School is another hotspot of paranormal activity. Built during the British era, the stone building looks haunted even in daylight.
Locals claim they hear:

  • children’s laughter in empty corridors
  • footsteps echoing in locked classrooms
  • whispers coming from the walls

One teacher, who once stayed late correcting papers, heard desks moving in the next room. When she opened the door—nothing was out of place. She resigned soon after.

Forest officers also speak of a dark presence in the woods. They say the forest “breathes differently” after 6 PM. The wind becomes unnaturally cold, and the trees seem to whisper.
Some officers believe the spirits belong to the people who were killed here during colonial-era executions in the forest.

One chilling story is about a man who was found wandering the forest at dawn. When brought back to the village, he looked terrified and confused.
He said he was walking home when he heard footsteps behind him.
Every time he stopped, the steps stopped too.
He felt someone breathing over his shoulder.
When he finally turned around, he saw a shadowy figure… without a head.

He ran, but the figure followed him through the forest until he collapsed.

To this day, he refuses to go near Dow Hill.

Another incident involved three boys trekking in the area. They heard a woman screaming deep inside the forest. When they followed the sound, it moved farther and farther away — as though leading them into a trap.
When one of them slipped, they realized something was wrong and ran back.
Later, villagers told them:

“No woman lives anywhere near that forest.”

The paranormal presence at Dow Hill is so strong that even the bravest locals avoid the forest at night. They say:

“The spirits here don’t want company.”

Dow Hill remains a place where reality and the supernatural blend together.
A forest where mist hides secrets, shadows walk freely, and silence speaks louder than words.

5. Shaniwar Wada, Pune – The Screaming Spirit of the Young Peshwa Who Still Calls for Help

Shaniwar Wada is one of the most magnificent historical forts of Maharashtra. Its walls still shine with the pride of the Peshwa empire, but behind this royal beauty lies a terrifying truth — a truth soaked in betrayal, politics, greed, and murder.

The haunting of Shaniwar Wada revolves around the tragic death of Peshwa Narayanrao, a young boy who was only 17 years old when he was brutally killed by assassins in 1773.
He was not just murdered — he was hunted inside the palace walls by men who had come to end him.

The story goes like this…

Narayanrao’s uncle, Raghunathrao, and aunt, Anandibai, had deep political tensions with him. Anandibai wanted power and influence. Raghunathrao wanted the throne. Together, they conspired against the teenage ruler.

They planned to frighten the young Peshwa by sending guards to capture him, not kill him.
Raghunathrao supposedly wrote a message:

“Narayanrao la dhara”
(“Capture Narayanrao”)

But when Anandibai got the letter, she secretly changed one word.
She altered dhara to mara.
The meaning changed completely:

“Narayanrao la mara”
(“Kill Narayanrao”)

The assassins stormed the palace at night. When Narayanrao heard footsteps, he understood what was happening. He blindly ran through the palace rooms screaming:

“Kaka, mala vachva!”
(“Uncle, save me!”)

But no one saved him.
The assassins caught him, dragged him out, and killed him ruthlessly.
His body was cut into pieces, and the remains were secretly disposed of.

That night changed Shaniwar Wada forever.

Soon after his murder, people began hearing the same scream, echoing through the fort’s massive walls.

Kaka, mala vachva…
A cry so painful, so desperate, that even the bravest soldiers turned pale.

Local guards and night watchers have sworn that on every full moon night, the ghost of Narayanrao cries for help.
They say the spirit of the young Peshwa still runs through the fort, reliving his final moments, trying to escape his assassins.

Visitors standing near the ruined chambers often feel:

  • sudden drops in temperature
  • footsteps running past them
  • whispers behind them
  • shadows moving on their own
  • the sound of a frightened boy calling for rescue

One tourist recounted an eerie experience. While standing near the Darbar Hall, she heard a faint voice — like a child sobbing. She thought it was her imagination, but her husband heard the same thing.
When they asked a local guide, he simply nodded and said:

“Everyone hears him eventually.”

There is another unsettling account from a guard who was patrolling the lower gardens at night. He heard someone running across the stones barefoot. When he flashed his torch, no one was there.
Seconds later, he heard the scream — clear, sharp, and heartbreaking:

Help me… please help me…

He quit his job the next day.

Many paranormal experts believe Shaniwar Wada is haunted not by one, but multiple spirits, because the fort has witnessed countless political murders and violent conspiracies.
But the loudest spirit, the most restless spirit, is still the young Peshwa who died before his time.

Shaniwar Wada is a reminder that power, politics, and betrayal leave behind scars that even centuries cannot erase.
And some souls… never find peace.


6. Lambi Dehar Mines, Mussoorie – The Hills Where Thousands Died and the Witch Still Roams

The beautiful hill station of Mussoorie hides one of the darkest tragedies in Indian history — the Lambi Dehar Mines disaster. What looks like an abandoned mining site today was once a place where thousands of workers lived, worked, and died in silence.

The mines were active in the 1960s. Hundreds of workers toiled there day and night without proper safety equipment. They inhaled harmful dust constantly, leading to severe lung diseases.
Within months, more than 50,000 miners died.

That’s right — 50,000 deaths in a single tragic era.

Some died coughing blood.
Some died collapsing inside the tunnels.
Some died walking back to the village.

Their bodies were buried in mass graves, and the mines were eventually shut down.

But the dead never left.

The locals say that after the mines closed, the area became cursed. Strange sounds started echoing from the mountains — wails, cries, whispers, and sometimes loud screams.
Residents reported seeing:

  • shadowy figures wandering the slopes
  • miners coughing in the darkness
  • footsteps echoing in the tunnels
  • voices calling out for water

The scariest part?
No one lives anywhere near the mines now.

The site became even more infamous because of the legend of the Lambi Dehar Witch — a female spirit dressed in white, with long unkempt hair, crying loudly through the night.
Drivers claim she appears suddenly in front of vehicles on the winding mountain road, causing accidents.

One truck driver reported that as he drove down the slope at 11 PM, a woman appeared standing right in the middle of the road.
Her face was pale, and her eyes were dark hollows.
When he pressed the brakes, his truck spun out of control and hit a tree.
When he regained consciousness, she was standing right next to his window… watching him.

Another group of trekkers once camped near the mines. At midnight, they heard a woman laughing — not with joy, but with pain.
Their torches flickered.
The wind turned ice-cold.
And they saw a white figure standing on the cliff edge, facing the valley.
When they shouted to ask if she needed help, she turned… but had no face.

They ran back to Mussoorie that very night.

Locals believe the witch is either:

  • the spirit of a woman who died in the mines
  • or the collective energy of thousands of restless souls
  • or a guardian of the dead who warns visitors to stay away

The villagers firmly warn tourists:

“Don’t go there after sunset. No one returns the same.”

The atmosphere at Lambi Dehar is unnaturally silent — no birds, no animals, no forest sounds.
Just a haunting emptiness.

Even paranormal investigators avoid the area because their equipment stops working.
Cameras fail.
Phone signals vanish.
And sometimes, whispers are recorded in the background.

Lambi Dehar Mines stand as a reminder that some tragedies leave behind echoes so loud, they cross beyond the world of the living.

7. Tunnel No. 33, Shimla – The Friendly Ghost of Colonel Barog Who Still Waits for Justice

The beautiful and serene Shimla-Kalka railway line, a UNESCO Heritage Site, has one corner that hides a story of sorrow, guilt, and an unfinished task. This place is Tunnel No. 33, famously known as the home of the ghost of Colonel Barog — a ghost who is not terrifying, but tragically gentle.

During the British era, Colonel Barog was assigned the responsibility of constructing the tunnel. To speed up the work, he ordered two teams to dig from opposite ends, expecting the two ends to meet perfectly in the center.
But a miscalculation changed everything.

The two sides did not align.
The mistake wasted money, time, and manpower.
The British government humiliated Colonel Barog, imposing a heavy fine on him. He felt disgraced, embarrassed, and devastated.

Unable to face the shame, he walked into the forest near the incomplete tunnel.
And there, in the quiet loneliness of the hills, he shot himself.

His tragic death turned Tunnel No. 33 into one of the most haunted locations in Himachal Pradesh.

But unlike other violent spirits, Colonel Barog is known to be a friendly ghost.

Locals and tourists claim to have seen a tall, well-dressed British man walking near the tunnel’s entrance. He smiles politely, sometimes nods, and even responds to greetings.
People who have encountered him say he gives off a calming presence, not a frightening one.

Some chilling experiences include:

1. A Conversation with the Ghost

A group of hikers once met a British man near the tunnel who introduced himself as “Barog.”
He spoke to them for several minutes about how the tunnel construction had gone wrong.
When the hikers asked a shopkeeper about him later, they were told:

“Colonel Barog died more than a hundred years ago.”

2. Footsteps in the Empty Tunnel

Railway workers working late at night often hear footsteps inside the tunnel, but anyone who goes inside finds it empty.
Some workers claim someone gently pats their shoulder, as if checking on them.

3. Friendly Whispers

Tourists walking alone here often feel like someone is keeping them company — whistling or lightly whispering.
But no one is there.

Despite being haunted, Tunnel 33 never becomes a place of panic.
Colonel Barog’s ghost is believed to be a soul still waiting for acknowledgment, perhaps justice, perhaps forgiveness.

Locals believe that his ghost remains because:

  • he felt responsible for the failure
  • he died with guilt
  • he could not complete his mission

The forest around the tunnel also has paranormal activity.
Villagers say they have seen glowing orbs floating around the trees at night.
Stray dogs refuse to go near the entrance after sunset, growling at something humans cannot see.

Yet, visitors who come during the day feel a strange peace. The wind is gentle, the tunnel silent, and the sunlight falls beautifully on the tracks.
It almost feels like Colonel Barog is still there — watching, protecting, guiding travelers.

Tunnel No. 33 remains one of India’s rare haunted places where the ghost is not feared, but respected. A reminder that some souls linger not because of anger… but because of incomplete stories.


GP Block, Meerut – The House Where Four Men Sit Drinking with Candles Burning at Midnight

In the bustling city of Meerut stands an abandoned double-story building known as GP Block, a place that looks normal during the day but transforms into a terrifying nightmare after evening.
What makes this place uniquely horrifying is not one ghost, but multiple apparitions seen by almost everyone who passes the area.

The most famous sighting is of four men sitting together around a table, drinking beer with candles lit around them.
Their faces are shadowy, their bodies stiff, and they never speak.
They simply sit — frozen in time — like a scene stuck on repeat.

People who live nearby say:

  • the candles never blow out
  • the men never get up
  • the chairs never move
  • and no one knows who they are

Some believe they were army men who died tragically. Others say they were friends killed in a drunken brawl.
But the truth remains unknown.

The house itself has a frightening appearance.
The windows are broken.
The walls are cracked.
Vines crawl up the bricks like veins on a dying body.
At night, the house looks like it is breathing — alive with shadows.

The paranormal events here are so intense that even the police avoid patrolling the area after 10 PM.

The Girl in the Red Dress

One of the most chilling sightings is of a young woman dressed in a flowing red outfit.
People have seen her walking around the house, disappearing behind walls, and appearing in the garden.

In one instance, two boys riding a bike saw her standing at the gate, staring at them.
When they slowed down to ask if she needed help, she vanished — only to appear again right behind them.

Disappearing Lights

Local residents say they often see bright lights glowing inside the house, but when they go close, the building is pitch dark.
Once, a group of friends entered the house with torches. On the second floor, they saw a room fully illuminated with candles.
But when they stepped inside, the room was empty — no candles, no furniture, nothing.

Muffled Voices and Footsteps

People have reported hearing:

  • footsteps running upstairs
  • furniture being dragged
  • a woman crying softly
  • and sometimes whispers calling their names

Yet the house remains empty.

The Strange Incident of 2014

A group of college students went inside to record a video.
While exploring, they heard laughter from the terrace.
When they climbed up, they saw the four men — sitting and drinking — staring at them with glowing eyes.

The students ran for their lives and refused to return.

After this incident, the locals called GP Block:

“The house that watches you back.”

What makes this site terrifying is the consistency of the paranormal sightings.
Almost everyone sees something.
Almost everyone has a story.
Almost everyone believes the house is alive — feeding off energies of the supernatural.

GP Block remains one of the most haunted and mysterious places in Uttar Pradesh, a place where reality and illusion merge, and spirits replay their unfinished stories forever.

9. Ramoji Film City, Hyderabad – The Haunted Studios Where Spirits Walk Through Sets and Shadows Whisper Behind the Curtains

Ramoji Film City is one of the largest film studios in the world — glamorous, grand, and filled with cinematic magic. But behind the bright lights and action-packed sets lies a chilling secret:
The land on which Ramoji stands was once a battlefield of the Nizams.

Thousands of soldiers died here, and many believe their restless spirits still roam the studios, unable to leave the land where they shed blood.

The haunting began in the early years of the film city.
Crew members, especially women, started reporting disturbing experiences.
Lights would suddenly shatter.
Spotlights fell without warning.
Objects moved on their own.
Hair and clothes were tugged mysteriously.
Even makeup rooms became paranormal hotspots.

One of the most famous incidents involved a group of female dancers who were getting ready for a shoot.
As they applied makeup, their mirrors fogged up — even though the room was air-conditioned.
Slowly, a message appeared on the fogged glass:

“Move.”

They ran out screaming.

Another incident involved a stuntman who was injured during a fight sequence. He claimed that as he performed his stunt, someone pushed him from behind.
When the cameras were checked, the footage showed him falling — but no one was near him.

Hotel rooms inside the film city are also said to be haunted.
Guests have reported:

  • knocks on doors at 3 AM
  • whispers in empty corridors
  • bathroom doors opening on their own
  • shadows standing near the bed
  • strange scribbles appearing on mirrors

One woman staying in a hotel inside Film City woke up to find her bedsheet pulled halfway across the room.
Another guest found that all the lights in the room switched on simultaneously at midnight.
When technicians checked the room, they found no electrical faults.

Security guards patrolling the area at night often see blurred figures moving across the sets.
Sometimes they hear footsteps behind them…
Sometimes laughter…
Sometimes deep breathing…
But when they turn around, the path is empty.

One guard reported that he saw a soldier in Nizam-era uniform standing on a fort set. He thought it was an actor, but before he could speak, the man vanished into thin air.

The eeriest part of Ramoji Film City is the battlefield area, where many believe the spirits are the strongest.
Paranormal investigators visiting the spot have recorded:

  • sudden temperature drops
  • unexplainable orbs
  • electronic devices malfunctioning
  • growling sounds
  • and faint voices speaking in Urdu

According to staff, the spirits are mostly harmless.
They don’t attack.
They don’t possess.
But they make their presence known — as if reminding the living that the land belonged to them first.

Even today, directors and actors avoid shooting at certain locations after sunset.
Spot boys refuse to work alone.
And hotel staff never go to the top floor of certain buildings at night.

Ramoji Film City remains a stunning monument of Indian cinema — but beneath the glamour lies a battlefield where spirits still wander under the studio lights, watching everything silently.


10. Three Kings Church, Goa – The Church Where Three Kings Were Buried and One King Still Haunts the Hilltop

Goa is known for its beaches, nightlife, and vibrant culture — but hidden among its tropical beauty is one of the most haunted places in India:
The Three Kings Church, located on a quiet hill in Cansaulim.

The church looks peaceful, surrounded by forests and overlooking the Arabian Sea.
But don’t let the beauty fool you — this hilltop has a dark and bloody past.

In ancient times, the region was ruled by three rival kings who constantly fought for dominance.
All three wanted the land.
All three wanted power.
All three were hungry for the throne.

One of them, King Holger Alvunger, wanted to rule alone.
He invited the other two kings to the hilltop church under the guise of a peace treaty.
But once they arrived, he poisoned them.

However, his victory was short-lived.
As the villagers learned of the treachery, they rose in anger.
Afraid of losing everything, King Holger locked himself inside the church.

There, consumed by guilt and fear, he took poison and ended his own life.

The bodies of all three kings were buried inside the church.
Since then, the place has been cursed.

Locals say that every night, especially around the king’s death anniversary, the spirit of King Holger walks around the church and the surrounding forest.

Villagers report:

  • footsteps on the hill
  • heavy breathing
  • shuffling sounds near the church walls
  • doors creaking open
  • and the feeling of being watched

Stranger still, animals behave unusually here.
Dogs refuse to climb the hill after sunset.
Cows stop and stare at the church as if sensing something beyond human visibility.

One paranormal team visiting the site captured a chilling EVP (electronic voice phenomena).
When they asked:

“Who is here?”

A deep voice replied:

The King.

Visitors walking near the church at dusk say they feel sudden chills — even on hot days.
Some have seen a tall shadow standing at the church entrance, disappearing when approached.

A woman once visiting the church claimed she felt someone touch her shoulder.
When she turned, she saw no one.
But on her shoulder was a fresh bruise — shaped like a large hand.

Another chilling incident:
A group of friends visited the hill on New Year’s night. They were laughing, taking pictures, enjoying the breeze.
Suddenly, all three of their phones died at the same moment.
Their car headlights began flickering.
And they heard footsteps circling them — slow, heavy, and deliberate.

When they rushed back to the car, the engine refused to start.
Seconds later, they heard a deep voice whisper:

Leave…

They rolled the car downhill manually until the engine revived.

Locals believe King Holger’s spirit guards the hill.
Not with kindness, but with dominance — just as he did in life.

Today, the church is closed after evening.
Villagers strictly warn tourists not to stay after sunset.
They say:

“The king still rules the hill at night.”

The Three Kings Church is a haunting reminder of how power, greed, and betrayal can leave behind a spirit so strong that even death cannot silence it.

CONCLUSION

India is a land of legends, mysteries, ancient kingdoms, and forgotten tragedies. From abandoned villages to haunted forts, from cursed forests to ghostly tunnels, every place has a story — a story that refuses to die. These haunted locations remind us that history is not just written in books, but also carved in stones, buried underground, and echoed through spirits who never left.

Whether it is the woman of D’Souza Chawl calling from the well, the headless boy walking through Dow Hill, the young Peshwa screaming for help in Shaniwar Wada, or the witch of Lambi Dehar crying through the mountains — every tale carries a message:
The past never disappears. It lingers, watches, and sometimes returns to speak.

India’s haunted places are not just destinations of fear, but windows into untold stories, forgotten souls, and mysteries that remain unsolved even after centuries.
For believers, these places confirm the existence of another realm. For skeptics, they are thrilling mysteries.
But for travelers, they are unforgettable experiences.

If you ever visit these places, go with respect — because you are walking on land where history still breathes… and whispers.

Frequently Asked Questions (FAQ)

1. What is the most haunted place in India?

Bhangarh Fort is widely regarded as the most haunted place in India, with entry banned after sunset.

2. Are ghosts real in these locations?

There is no scientific proof, but thousands of locals and tourists report unexplained paranormal experiences.

3. Is it safe to visit haunted places?

Safe during daytime. Night visits, especially to forests, mines, and abandoned buildings, are not recommended.

4. Have ghosts harmed anyone?

Most reports involve fear, strange visions, or unexplained events, but not confirmed physical harm.

5. Can children visit haunted places?

They can visit historical sites during daytime, but not recommended for isolated or extremely haunted spots.

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